Health Fund of ₹5,686 Crores to UP, ₹2,497 Crores to Maharashtra: ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पर सवाल

भारत में सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार हर साल राज्यों को हजारों करोड़ रुपये का फंड प्रदान करती है। हालाँकि, सरकारी आंकड़े इस बात की
भारत में सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार हर साल राज्यों को हजारों करोड़ रुपये का फंड प्रदान करती है। हालाँकि, सरकारी आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इतना पैसा जारी किया जा रहा है, तो फिर सरकारी अस्पतालों और विशेष रूप से ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में डॉक्टरों और विशेषज्ञों के पद खाली क्यों हैं? स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 7 अगस्त 2026 को लोकसभा में बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 2025-26 में उत्तर प्रदेश को 5,686.12 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र को 2,496.92 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके बावजूद ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के 'Health Dynamics of India' (HDI) 2023-24 के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण CHC में सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ जैसे जरूरी विशेषज्ञों के मंजूर पदों और उपलब्ध डॉक्टरों के बीच बड़ा अंतर है। 2024 में कुल 14,000 पदों में से 8,000 से अधिक पद खाली पड़े हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि राज्यों को कितना पैसा मिला, लेकिन NHM के तहत मिलने वाला फंड स्वास्थ्य ढांचे और डॉक्टरों की कमी को दूर करने में कितना प्रभावी साबित हो रहा है? करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण CHC में डॉक्टरों के पद खाली क्यों हैं, यह जानना जरूरी है।



















