Heavy Vehicles Impacting Air Quality: दिल्ली-NCR सहित देशभर की हवा बिगाड़ रहे ट्रक और बसें, NOx उत्सर्जन में भारी वाहनों की 79% हिस्सेदारी

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर के साथ-साथ पूरे देश की वायु गुणवत्ता को खराब करने में ट्रकों और बसों जैसे भारी वाहनों की भूमिका अत्यधिक गंभीर साबित हो
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर के साथ-साथ पूरे देश की वायु गुणवत्ता को खराब करने में ट्रकों और बसों जैसे भारी वाहनों की भूमिका अत्यधिक गंभीर साबित हो रही है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (आइसीसीटी) द्वारा जारी की गई एक नई अध्ययन रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि सड़कों पर कुल वाहनों की संख्या में इन भारी वाहनों की हिस्सेदारी भले ही कम हो, लेकिन ये वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण में असमान रूप से अधिक योगदान दे रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान सड़क परिवहन से निकलने वाली विषैली नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) गैस में भारी वाहनों की हिस्सेदारी 79 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारी वाहन प्रदूषण के प्रमुख स्रोत बन चुके हैं।
अध्ययन में यह भी बताया गया है कि हवा में घुलने वाले सबसे खतरनाक कणों, जिन्हें पीएम 2.5 के नाम से जाना जाता है, के उत्सर्जन में भारी वाहनों का योगदान 64 प्रतिशत है। रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि माल-परिवहन वाले मुख्य मार्गों और इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में हवा के जहरीले होने का मुख्य कारण डीजल से चलने वाले ये भारी वाहन हैं। खासकर एनसीआर में, जहां लगभग 3.3 करोड़ वाहन पंजीकृत हैं, इनमें से लगभग 20,000 डीजल बसें और करीब 16,900 ट्रक रोजाना दिल्ली में प्रवेश करते हैं। यह स्थिति वायु प्रदूषण के लिए गंभीर खतरा बन गई है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।



















