Investigation in Azamgarh: नवजात बच्चे के हाथ कटने के मामले में एसआइटी गठित

आजमगढ़ में एक नवजात बच्चे के हाथ कटने की घटना ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है और मुख्य चिकित्साधिका
आजमगढ़ में एक नवजात बच्चे के हाथ कटने की घटना ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है और मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनके वर्मा के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन किया गया है। यह टीम चार सदस्यों की है और इसकी अध्यक्षता सतीश कनौजिया कर रहे हैं। एसआइटी को एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान नवजात के उपचार से संबंधित अभिलेख, चिकित्सकीय प्रक्रिया, चिकित्सकों की भूमिका और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए कप्तानगंज स्थित सुरक्षा पाली क्लीनिक और चाइल्ड केयर क्लीनिक को सील कर दिया है। पहले ही कप्तानगंज थाने में तीन झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।
इस घटना का मुख्य आरोप चंद्रकेश यादव पर है, जो अहरौला थाना क्षेत्र के बनाखुर्द गांव के निवासी हैं। उन्होंने अपनी पत्नी साधना यादव को 14 जून को प्रसव पीड़ा के चलते कप्तानगंज स्थित सुरक्षा पाली क्लीनिक में भर्ती कराया था। यहां कन्हैया लाल श्रीवास्तव और संतोष कुमार अस्थाना की देखरेख में दो दिन बाद नवजात का जन्म हुआ। आरोप है कि जन्म के बाद बिना आवश्यक चिकित्सकीय जांच के नवजात की दाहिनी कलाई के पास से रक्त निकाला गया, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ने लगी। इसके बाद नवजात को मनीष पांडेय के चाइल्ड केयर क्लीनिक भेजा गया, जहां उसे आइसीयू में भर्ती किया गया।



















