Mandi District Administration's Major Decision: 'Coollip' and All Flavored Tobacco Products Banned

मंडी जिला प्रशासन ने युवाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रशासन ने कूललिप सहित सभी प्रकार के स्वादयुक्त और धुआंरहित तंब
मंडी जिला प्रशासन ने युवाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रशासन ने कूललिप सहित सभी प्रकार के स्वादयुक्त और धुआंरहित तंबाकू उत्पादों के भंडारण, बिक्री, वितरण और परिवहन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय मंडी को प्रदेश का पहला जिला बनाता है, जिसने इस तरह की पाबंदी लागू की है। यह कदम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत लिया गया है। पहले से ही प्रदेश में खैनी और गुटखा पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस निर्णय की शुरुआत मुख्यमंत्री संवाद कार्यक्रम के दौरान हुई, जब स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के समक्ष कूललिप जैसे तंबाकू उत्पादों के सेवन के गंभीर प्रभावों पर चर्चा की। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने सक्रियता दिखाई और सुंदरनगर के एक बड़े स्टोर पर छापेमारी की, जहां से 18.91 लाख रुपये मूल्य का स्वादयुक्त तंबाकू जब्त किया गया। इस छापेमारी में 715 थोक पैकेट से लगभग 10,725 खुदरा पाउच बरामद किए गए। जब्त की गई सामग्री के नमूनों को राष्ट्रीय तंबाकू परीक्षण प्रयोगशाला नोएडा भेजा गया, जहां से चौंकाने वाली रिपोर्ट आई। रिपोर्ट में पाया गया कि इन उत्पादों में मेंथाल, आकर्षक सुगंध, फ्लेवर्ड असेंट और ह्यूमेक्टेंट्स की भारी मात्रा मिलाई गई थी, जो बच्चों और किशोरों में निकोटीन की लत को तेजी से बढ़ाने में सहायक होती है।
जिला प्रशासन ने सभी थोक और खुदरा व्यापारियों, वितरकों और ट्रांसपोर्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे सभी तंबाकू उत्पादों की खरीद-बिक्री तुरंत बंद कर दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंडी के जिला दंडाधिकारी अपूर्व देवगन ने इस निर्णय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चों को इस मीठे जहर से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुगंधित तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की संगति और गतिविधियों पर ध्यान दें और यदि कहीं भी इन उत्पादों की अवैध बिक्री हो रही हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। यह कदम न केवल बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि समाज में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने में भी सहायक होगा।


















