Surgery for Diabetes Control: डायबिटीज को जड़ से खत्म करने के लिए मेटाबॉलिक सर्जरी का विकल्प

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए लोग अक्सर दवाओं का सहारा लेते हैं। कुछ मरीजों को एक ही दवा से राहत मिलती है, जबकि अन्य को दिन में तीन से च
डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए लोग अक्सर दवाओं का सहारा लेते हैं। कुछ मरीजों को एक ही दवा से राहत मिलती है, जबकि अन्य को दिन में तीन से चार दवाएं लेनी पड़ती हैं। हाल के वर्षों में, टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए ओज़ेम्पिक और मौनजारो जैसी दवाओं का उपयोग बढ़ा है। ये दवाएं न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करती हैं, बल्कि मोटापे को भी कम करने में मदद करती हैं। हालांकि, इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉ. मंजूनाथ मारुति पोल का कहना है कि टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए मेटाबॉलिक सर्जरी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। उनका दावा है कि यह सर्जरी अनियंत्रित डायबिटीज को जड़ से खत्म कर सकती है।
ओज़ेम्पिक और मौनजारो जैसी दवाएं इंसुलिन के स्तर को सुधारने और ब्लड शुगर को कम करने में मदद करती हैं। ये दवाएं जीएलपी-1 हार्मोन की नकल करती हैं, जिससे पैंक्रियास से इंसुलिन निकलता है और पाचन धीमा होता है। मौनजारो, जीआईपी हार्मोन को भी सक्रिय करती है, जिससे मरीजों की भूख कम होती है। लेकिन हाल के महीनों में इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट्स भी सामने आए हैं, जैसे वजन में अत्यधिक कमी और हड्डियों में कमजोरी। डॉ. मंजूनाथ का कहना है कि मेटाबॉलिक सर्जरी के जरिए टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करना अधिक प्रभावी हो सकता है। इस सर्जरी के बाद, मरीजों को खानपान और जीवनशैली में सुधार करने की सलाह दी जाती है, जिससे बीमारी के वापस आने की संभावना कम हो जाती है।


















