Weather Update: उत्तराखंड में जुलाई में बरसे मेघ, अगस्त में मानसून पकड़ेगा रफ्तार

उत्तराखंड में जुलाई के महीने में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ी, जिससे पूरे प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक रहा। इस दौरान राज्य में कुल 567 म
उत्तराखंड में जुलाई के महीने में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ी, जिससे पूरे प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक रहा। इस दौरान राज्य में कुल 567 मिमी बारिश हुई, जो कि सामान्य 594 मिमी के मुकाबले पांच प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के पहले हफ्ते में मानसून के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। जुलाई में बागेश्वर जिले ने सबसे अधिक वर्षा का रिकॉर्ड बनाया, जहां 830 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 203 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा चमोली, टिहरी और हरिद्वार जिलों में भी सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। चमोली में 76 प्रतिशत, टिहरी में 51 प्रतिशत और हरिद्वार में 40 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। हालांकि, कुछ जिलों जैसे चंपावत, पौड़ी और नैनीताल में सामान्य से कम वर्षा हुई। चंपावत में वर्षा का आंकड़ा -31 प्रतिशत, पौड़ी में -45 प्रतिशत और नैनीताल में -30 प्रतिशत रहा।
राजधानी देहरादून में जुलाई के दौरान 556 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 534 मिमी के मुकाबले चार प्रतिशत अधिक है। मानसून सीजन की बात करें तो एक जून से 31 जुलाई तक केवल बागेश्वर, चमोली, टिहरी, हरिद्वार और अल्मोड़ा जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई। बागेश्वर में 134 प्रतिशत, चमोली में 49 प्रतिशत, टिहरी में 33 प्रतिशत, हरिद्वार में छह प्रतिशत और अल्मोड़ा में चार प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जबकि पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़ और देहरादून जैसे जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकार्ड की गई। पौड़ी गढ़वाल में वर्षा का आंकड़ा -48 प्रतिशत, चंपावत में -35 प्रतिशत, नैनीताल में -35 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में -13 प्रतिशत और देहरादून में -10 प्रतिशत रहा।



















