Buddha's Teachings on Equality: भगवान बुद्ध ने समानता, अहिंसा और मानवता का मार्ग दिखाया

रेवाड़ी में बुधवार को बाबा ध्यान दास की बगीची में बौद्ध धम्म के अनुयायियों ने धम्मचक्कपवत्तन दिवस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तथागत बुद्ध के प
रेवाड़ी में बुधवार को बाबा ध्यान दास की बगीची में बौद्ध धम्म के अनुयायियों ने धम्मचक्कपवत्तन दिवस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तथागत बुद्ध के पहले उपदेश और उनके द्वारा दिए गए समता, करुणा और मानव कल्याण के संदेश का प्रचार-प्रसार करना था। इस विशेष अवसर पर महावीर प्रसाद, दिनेश कुमार बौद्ध और नानक चंद ने कार्यक्रम का संयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बुद्ध और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद राजेश बौद्ध ने बुद्ध वंदना प्रस्तुत की, जो सभी उपस्थित लोगों के लिए एक प्रेरणादायक क्षण था। आचार्य कांशीराम और दिनेश कुमार ने धम्मचक्कपवत्तन दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान बुद्ध ने समाज को समानता, अहिंसा और मानवता का मार्ग दिखाया। उन्होंने सभी से बुद्ध के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया, ताकि समाज में शांति और सद्भावना का वातावरण बना रहे। कार्यक्रम के समापन पर महावीर प्रसाद ने निर्माणाधीन आनंद बुद्ध विहार के उद्देश्य और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह बुद्ध विहार धम्म अध्ययन, ध्यान, पुस्तकालय, सामाजिक सेवा, नैतिक शिक्षा और युवा मार्गदर्शन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस प्रकार, यह स्थान न केवल बौद्ध अनुयायियों के लिए, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इस अवसर पर भगत सिंह बौद्ध, बुद्ध राम पंवार, श्योकरण मेहरा, हरिकिशन, राज कुमार, ईश्वर सिंह सुठाणी, राम निवास नाहरवाल, प्रताप सिंह, नरेंद्र बौद्ध, मुरारी लाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया और भगवान बुद्ध के संदेश को फैलाने का संकल्प लिया। इस प्रकार, धम्मचक्कपवत्तन दिवस ने सभी को एकजुट होकर समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
















