ED tightens grip on Azam Khan: आजम खां की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ED ने पुलिस-प्रशासन से मांगा दर्ज मुकदमों का ब्योरा

अनिल अवस्थी, रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आयकर विभाग के बाद अब ई
अनिल अवस्थी, रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आयकर विभाग के बाद अब ईडी ने पुलिस और प्रशासन से आजम खां पर दर्ज मुकदमों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। ईडी ने सभी मुकदमों की एफआईआर की छायाप्रति और जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई है, उनकी सत्यापित प्रतिलिपि भेजने के लिए कहा है। आजम खां के खिलाफ कुल 84 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 16 मुकदमों में न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है। इनमें से आठ मामलों में उन्हें सजा मिली है, जबकि अन्य मामलों में उन्हें क्लीनचिट भी मिली है। यह स्थिति आजम खां के लिए चिंताजनक है, क्योंकि ईडी की जांच उनके खिलाफ चल रही है और इससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में अनियमितताओं को लेकर भी आजम खां की मुश्किलें बढ़ रही हैं। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जो जौहर विश्वविद्यालय का संचालन करता है, ने अनुमानित खर्च 494 करोड़ रुपये का ब्योरा देने में असफलता दिखाई है। आयकर विभाग ने 23 जून को ट्रस्ट का चैरिटेबल दर्जा समाप्त कर दिया था, क्योंकि ट्रस्ट आय-व्यय की जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका था। इसके अलावा, आयकर विभाग ने वर्ष 2015 से 2020 तक जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीन खरीदने, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण पर खर्च की गई धनराशि का साक्ष्य सहित ब्योरा देने का नोटिस भी जारी किया था। ट्रस्ट ने इस मामले में और समय मांगा है, लेकिन ईडी की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि वे आजम खां की आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं।
















