FIR against JE of Police Housing Corporation: यूपी में पुलिस आवास निगम के JE पर FIR, 39 लाख रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा

लखनऊ में पुलिस आवास निगम के जूनियर इंजीनियर जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में fir दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस आवास निगम के पूर्व प
लखनऊ में पुलिस आवास निगम के जूनियर इंजीनियर जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में FIR दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस आवास निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से खुली जांच कराने की सिफारिश की थी। जांच में यह पाया गया कि जितेंद्र कुमार के पास लगभग 39 लाख रुपये की अघोषित संपत्ति है, जो उनके वैध आय के मुकाबले काफी अधिक है। इस मामले ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को एक बार फिर से ताजा कर दिया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जितेंद्र कुमार ने अपनी कुल वैध आय 1.38 करोड़ रुपये के मुकाबले 1.77 करोड़ रुपये की संपत्तियों को खरीदने और अपने परिवार के भरण-पोषण पर खर्च किया। यह तथ्य इस बात का संकेत है कि आरोपित ने अपनी आय के स्रोतों को छिपाने का प्रयास किया है। जब उनसे 39.48 लाख रुपये की अघोषित आय के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया, तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
यह मामला राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कदमों को और मजबूती प्रदान करता है। पुलिस आवास निगम में इस तरह के मामलों की जांच करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। जितेंद्र कुमार की संपत्तियों की जांच से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी कर्मचारियों को अपनी आय और संपत्तियों के बारे में स्पष्टता रखनी चाहिए। इस मामले में आगे की कार्रवाई का सभी को इंतजार है, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
















