Gangster Chhota Rajan sentenced: गैंगस्टर छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट मामले में सात साल की सजा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चेन्नई की विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को गैंगस्टर छोटा राजन को जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त करने के मामले में सात साल
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चेन्नई की विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को गैंगस्टर छोटा राजन को जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त करने के मामले में सात साल की सजा सुनाई है। यह फैसला 22 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया है, जिसमें सीबीआई ने राजन को सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की। राजन ने विजया कदम के नाम से पहचान अपनाने के लिए स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट और राशन कार्ड जैसे फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि दोषी छोटा राजन वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, जहां वह पहले से ही उम्रकैद की सजा काट रहा है।
सीबीआई ने इस मामले में जांच की शुरुआत 19 मार्च 2002 को एफआईआर दर्ज करके की थी। आरोप था कि राजन ने जाली दस्तावेजों के माध्यम से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और उसे प्राप्त किया। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि छोटा राजन ने गलत दस्तावेज जमा करके विजया कदम के नाम से भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। यह भी जानकारी मिली कि विजया कदम का असली नाम राजेंद्र था, जिसे नाना या छोटा राजन के नाम से भी जाना जाता है।
सीबीआई ने राजन के खिलाफ दो साल के भीतर चार्जशीट दाखिल की थी, जो 22 जनवरी 2004 को पेश की गई थी। इस मामले में अदालत ने राजन को दोषी ठहराया और उसे सजा सुनाई। यह मामला न केवल राजन के लिए बल्कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण जीत है, जिसने यह साबित किया कि जाली दस्तावेजों के माध्यम से किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस फैसले से यह भी संदेश मिलता है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधियों को अंततः सजा मिलती है।
















