Amrit 2.0 Scheme in Bihar: किशनगंज में जलापूर्ति के लिए 53 करोड़ की मंजूरी

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने हाल ही में घोषणा की है कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में पेयजल, जल संरक्षण और आधुनिक बुनि
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने हाल ही में घोषणा की है कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में पेयजल, जल संरक्षण और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए तेजी से कार्य कर रही है। केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन अमृत 2.0 योजना को सूबे के सभी नगर निकायों में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत किशनगंज जलापूर्ति परियोजना के लिए 53 करोड़ 71 लाख 47 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के नगर निकायों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना, जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना, पुनर्चक्रण और वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करना है। इससे शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध होंगी। केंद्र सरकार ने अमृत 2.0 के तहत बिहार के लिए 2,620 करोड़ रुपये की परियोजना निधि का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों में परियोजनाओं का वित्तपोषण किया जाएगा। राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि भी उपलब्ध कराएगी।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि जलापूर्ति, जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनरुद्धार, पुनर्चक्रण, उपचारित जल के पुन: उपयोग, वर्षा जल संचयन और पार्कों के विकास संबंधी योजनाएं राज्य के सभी नगर निकायों में लागू की जाएंगी। इसके साथ ही, सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन से जुड़े कार्य राज्य के 27 पुराने अमृत शहरों में संचालित किए जाएंगे। मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमृत 2.0 के उद्देश्य को आत्मनिर्भर और आधुनिक शहरी भारत का निर्माण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी, जल संसाधनों का संरक्षण होगा और पर्यावरण के अनुकूल आधारभूत संरचना का विकास सुनिश्चित होगा।
किशनगंज जलापूर्ति परियोजना को मिली प्रशासनिक स्वीकृति सीमांचल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके क्रियान्वयन से शहर के लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी और शहरी विकास को नई गति प्राप्त होगी। इस परियोजना के तहत 3,892 नए घरेलू जल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा, 14 नए बोरवेल का निर्माण, पूर्व के 10 बोरवेलों का उन्नयन, 14 आयरन रिमूवल प्लांट की स्थापना, सात पंप हाउस का निर्माण, 110 से 1,958 किलोलीटर क्षमता के पांच नए जलमीनार का निर्माण, 720 मीटर क्लियर वाटर राइजिंग मेन पाइपलाइन तथा 178.21 किलोमीटर जल वितरण नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 53.71 करोड़ रुपये है, जिसमें 15.70 करोड़ रुपये केंद्रांश तथा 38.01 करोड़ रुपये राज्यांश के रूप में खर्च किए जाएंगे। परियोजना का क्रियान्वयन बुडको द्वारा किया जाएगा और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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