Traffic Changes from July 30: पश्चिमी यूपी में कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक में भारी बदलाव

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस यात्रा के दौरान भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस यात्रा के दौरान भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पर कई पाबंदियां लागू की जाएंगी। कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी, जिसमें भक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने घरों के शिव मंदिरों में चढ़ाने के लिए पैदल यात्रा करेंगे। प्रशासन ने घाटों पर मेडिकल सुविधाएं, CCTV निगरानी और राहत कर्मियों की तैनाती की है। इसके अलावा, रास्ते में शराब की दुकानों और नॉन-वेज खाने की दुकानों को भी हटा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 4 अगस्त से कांवड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे (NH-58) और गंगा नहर रोड पर गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान, दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच यात्रा प्रभावित होने की संभावना है। रास्ते में डायवर्जन के कारण यात्रियों को लंबा सफर तय करना पड़ सकता है और बस व टैक्सी का किराया भी बढ़ सकता है।
गाजियाबाद में भी 29 जुलाई से 12 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाई गई है। भारी मालवाहक वाहनों पर रोक लगाई गई है और उन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा। हल्के कमर्शियल वाहनों और अन्य यात्री वाहनों पर प्रतिबंध 5 अगस्त से लागू होगा। गंगा नहर के किनारे की सड़क और पाइपलाइन रोड पूरी तरह से बंद रहेंगी, जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 7 अगस्त से वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी, सिवाय डाक कांवड़ियों के। गाजियाबाद के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि यात्रा की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और प्रशासनिक निगरानी के लिए जिले को 11 ज़ोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में बांटा गया है।
बरेली जिले में भी कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यहाँ 3,900 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले को तीन सुपर ज़ोन, नौ जोन, 28 सेक्टर और 104 सब-सेक्टर में बांटा गया है। बरेली में शिव के 1,205 मंदिर हैं, जिनमें से लगभग 499 मंदिरों में पवित्र श्रावण महीने के दौरान जलाभिषेक किया जाता है। पुलिस ने कहा है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर बिजली के खंभों को सुरक्षित किया है और रास्ते में नॉन-वेज की दुकानें बंद कराई हैं।


















