The Mystery of 50 Lakh Theft in Ayodhya: डेढ़ माह बाद भी चोरी का राज बरकरार

अयोध्या के धमौरा गांव में एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी के घर हुई 50 लाख रुपये मूल्य के जेवरात की चोरी का मामला डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। यह घटना 14 जून
अयोध्या के धमौरा गांव में एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी के घर हुई 50 लाख रुपये मूल्य के जेवरात की चोरी का मामला डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। यह घटना 14 जून की रात को हुई थी, जब पीड़ित परिवार लखनऊ स्थित कमांड अस्पताल में आंख के ऑपरेशन के लिए गया हुआ था। चोरों ने घर की छत के रास्ते प्रवेश किया और अलमारी, बक्से तथा लाकर तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। इस चोरी की घटना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी थी और अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस और एसओजी की टीम मामले की जांच में जुटी है, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इससे पीड़ित परिवार में निराशा और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद से पीड़ित रामविलास सिंह ने बताया कि उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी चोरी हो गई है। पुलिस ने डाग स्क्वायड और फील्ड यूनिट की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच की थी और कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की गई थी। हालांकि, अब तक जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। रामविलास सिंह का कहना है कि घटना के बाद केवल एक बार हल्का दरोगा उनके घर आए थे, लेकिन इसके बाद से न तो किसी अधिकारी ने जांच की प्रगति के बारे में बताया और न ही परिवार की कोई सुध ली। इस प्रकार की लापरवाही से पीड़ित परिवार में और भी निराशा बढ़ गई है।
प्रभारी निरीक्षक शशिकांत यादव ने कहा कि मामले की जांच जारी है और एसओजी समेत अन्य टीमें विभिन्न बिंदुओं पर काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस घटना का राजफाश होगा, लेकिन पीड़ित परिवार को इस बात का विश्वास नहीं है। जब तक चोरों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक उनके मन में डर और असुरक्षा बनी रहेगी। इस घटना ने न केवल रामविलास सिंह के परिवार को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे गांव में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

















