NCR's Massive Data Digitization: हर वर्ष 200 पेड़ कटने से बचेगा, 19,700 रीम कागज की खपत बंद होगी

प्रयागराज से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने अपने स्वर्णिम इतिहास को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठ
प्रयागराज से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने अपने स्वर्णिम इतिहास को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दशकों से धूल फांकती फाइलों और पीले पड़ चुके कागजों को अब एक नया डिजिटल अवतार मिल गया है। महज छह महीनों में, एनसीआर ने 2.21 करोड़ पुराने पन्नों और 4.6 मीट्रिक टन रद्दी रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया है। इस महाअभियान का उद्देश्य 'डिजिटल इंडिया' और 'ग्रीन रेलवे' के सपनों को साकार करना है। अब यह विशाल डेटा सुरक्षित 'डिजिटल कॉपी' के रूप में एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगा, जिससे रेलवे के इतिहास को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह की निगरानी में और उप महाप्रबंधक अतुल मिश्रा के कुशल समन्वय में इस अभियान के तहत 2.05 करोड़ से अधिक दस्तावेजों को 58 टीबी से अधिक के सुरक्षित डिजिटल क्लाउड में सहेज दिया गया है। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप एनसीआर के कार्यालयों में 15,730 वर्ग फीट जगह खाली हुई है, जिसमें 14 से अधिक कमरे अब कर्मचारियों की सुविधाओं और आधुनिक मीटिंग रूम में परिवर्तित किए जा रहे हैं। यह कदम न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण भी सुनिश्चित करेगा।



















