Peony Flower in India: नीदरलैंड का पियोनी फूल पहली बार भारत में खिला, पालमपुर के वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास

नीदरलैंड से आयात किया जाने वाला बहुमूल्य और खूबसूरत पियोनी फूल अब भारत में पहली बार सफलतापूर्वक उगाया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सीएसआईआर पालमपुर के वैज्ञानिको
नीदरलैंड से आयात किया जाने वाला बहुमूल्य और खूबसूरत पियोनी फूल अब भारत में पहली बार सफलतापूर्वक उगाया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सीएसआईआर पालमपुर के वैज्ञानिकों के वर्षों के शोध और मेहनत का परिणाम है। संस्थान के कृषि फार्म में पियोनी का फूल सफेद और गुलाबी रंगों में खिल उठा है, जिसे कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। ठंडे जलवायु वाले क्षेत्रों में उगने वाले इस फूल को अब लद्दाख, लाहौल और नैनीताल के उच्च पर्वतीय इलाकों में परीक्षण के तौर पर किसानों के खेतों में लगाया गया है। यह पौधा लगभग चार साल में पूरी तरह से विकसित होकर व्यावसायिक उत्पादन देने के लिए तैयार होता है। पियोनी फूल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक बार जब पौधा जम जाता है और कली लगने लगती है, तो यह 25 से 30 वर्षों तक लगातार गुणवत्तापूर्ण फूल देता रहता है।
यदि यह शोध परीक्षण किसानों के खेतों में सफल होता है, तो इससे देश के ठंडे और दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की आर्थिकी में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी। वर्तमान में भारत के बड़े महानगरों में भव्य शादियों, हाई-प्रोफाइल सम्मेलनों और अन्य बड़े आयोजनों में पियोनी फूल को विशेष रूप से नीदरलैंड से आयात किया जाता है। विदेशी आयात और परिवहन खर्चों के कारण यह फूल काफी महंगा पड़ता है। वर्तमान में नीदरलैंड से आने वाले इस फूल की बाजार कीमत 300 से 400 रुपये तक होती है। यदि भारतीय किसान इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू करते हैं, तो भारतीय बाजार में इसकी कीमत घटकर 100 से 150 रुपये प्रति फूल रह जाएगी।


















