Archaeological Discovery in Raebareli: कुषाण काल के अवशेष मिले, पुरातत्व विभाग की टीम ने किया निरीक्षण

रायबरेली के ओई गांव में हाल ही में पुरातत्व विभाग को कुषाण काल के अवशेष मिले हैं, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई है। पिछले दस दिनों से केंद्रीय और राज्य स्तर की प
रायबरेली के ओई गांव में हाल ही में पुरातत्व विभाग को कुषाण काल के अवशेष मिले हैं, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई है। पिछले दस दिनों से केंद्रीय और राज्य स्तर की पुरातत्व टीम गांव का दौरा कर रही है। शनिवार को, केंद्रीय पुरातत्व विभाग की सात सदस्यीय टीम ने गांव का दौरा किया और खेत में बने सुरंग नुमा गड्ढे का निरीक्षण किया। इस गड्ढे के भीतर मिली वस्तुओं का अध्ययन किया गया और फोटोग्राफी की गई। यह अवशेष लगभग 2000 वर्ष पुराने माने जा रहे हैं, जो कुषाण काल के हैं। यह जानकारी उप जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम ने जिलाधिकारी सरनीत कौर को दी थी, जिसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया।
ओई गांव की गुरुदेई के खेत में बारिश के दौरान एक गड्ढा बन गया था, जिसमें सुरंग नुमा संरचना दिखाई दी। इसके बाद, डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में राज्य स्तरीय टीम ने भी मौके का दौरा किया। टीम के सदस्यों ने गांव के अशोक प्रताप मौर्य द्वारा 40 वर्षों से एकत्रित मिट्टी और धातुओं से बने सामान का निरीक्षण किया। शनिवार की सुबह, टीम के सदस्य डॉ. राजेंद्र यादव, महेंद्र पाल, निकिता चंद्रा, सौरभ, निधि वर्मा, विभा पांडेय, राम नरेश यादव और योगेश पाल ने ओई गांव पहुंचकर गड्ढे में प्रवेश किया और वहां ईंट और मिट्टी की जांच की। इसके बाद, सभी सदस्य अलग-अलग टीले पर जाकर अवशेषों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उन्हें एकत्रित किया।



















