GST raid on fertilizer businessman: खाद कारोबारी पर जीएसटी की बड़ी छापेमारी, 1.5 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला

बीसलपुर (पीलीभीत) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, नगर के प्रमुख खाद प्रतिष्ठान जगदीश शरण ज्वाला शरण पर जीएसटी अधिकारियों की एक टीम ने छापेमारी की। यह छापे
बीसलपुर (पीलीभीत) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, नगर के प्रमुख खाद प्रतिष्ठान जगदीश शरण ज्वाला शरण पर जीएसटी अधिकारियों की एक टीम ने छापेमारी की। यह छापेमारी एसआइबी डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई। छापेमारी की कार्रवाई देर रात तक चलती रही और इस दौरान 1.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की आशंका जताई गई। पीलीभीत के साथ-साथ बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं जिलों में भी इसी प्रकार की छापेमारी की गई। जीएसटी विभाग को पिछले कुछ दिनों से खाद की बिक्री में टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बुधवार को दोपहर तीन बजे, टीम ने जगदीश शरण ज्वाला शरण खाद प्रतिष्ठान पर छापा मारा। टीम ने प्रतिष्ठान के क्रय विक्रय के अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया और पाया कि व्यापारी ने बिना बिल जारी किए माल की बिक्री की है। इस जांच में सामने आया कि व्यापारी ने विभिन्न फर्मों को आपूर्ति की गई खाद का लेजर टैक्स मिलान नहीं किया था। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जमा किए गए जीएसटी टैक्स के अभिलेखों की भी जांच की गई। टीम ने देर शाम तक अभिलेखों को खंगालना जारी रखा। जगदीश शरण ज्वाला शरण फर्म की शाखाएं बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में होने के कारण सभी स्थानों पर अलग-अलग टीमों ने छापेमारी की। अब तक मिली विसंगतियों के आधार पर 1.5 करोड़ रुपये की कर चोरी की जानकारी सामने आई है।
इस छापेमारी के दौरान, टीम ने व्यापारी के यहां मिले अभिलेखों को कब्जे में ले लिया है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जांच अभी जारी है और यह गुरुवार सुबह तक चलने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस बीच, प्रतिष्ठान के स्वामी पवन अग्रवाल ने कहा कि उनके प्रतिष्ठान पर सभी टैक्स नियमों के अनुसार जमा किए गए हैं और सभी अभिलेख पूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह शिकायत झूठी है। पवन अग्रवाल ने यह भी कहा कि उनके प्रतिष्ठान की सभी गतिविधियां कानूनी रूप से सही हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की अनियमितता का सामना नहीं करना पड़ा है। इस मामले में जीएसटी अधिकारियों की कार्रवाई से व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया है और सभी को इस बात की चिंता है कि क्या इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



















