Income Tax Department finds cash three times income: आयकर विभाग को मिला आय से 3 गुना ज्यादा कैश; 11 संदिग्ध फर्मों के 'फर्जी' दान में उलझा मामला

रामपुर से मिली जानकारी के अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय के अवैध घोषित 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पर मंडलायुक्त के न्यायालय से स्टे मिलने के बाद आयकर विभाग ने आ
रामपुर से मिली जानकारी के अनुसार, जौहर विश्वविद्यालय के अवैध घोषित 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश पर मंडलायुक्त के न्यायालय से स्टे मिलने के बाद आयकर विभाग ने आजम खान के लिए नई समस्याएं खड़ी कर दी हैं। आयकर विभाग अब विश्वविद्यालय पर खर्च की गई अरबों की धनराशि का ब्योरा मांग रहा है, लेकिन ट्रस्ट इस ब्योरे को उपलब्ध कराने में असफल रहा है। ऐसे में आयकर विभाग ने इस मामले को ईडी को भेजने की योजना बनाई है। यह स्थिति आजम खान के लिए चिंताजनक साबित हो सकती है, क्योंकि उनकी संस्था पर कई अनियमितताओं के आरोप पहले से ही लगे हुए हैं। आयकर विभाग ने आजम खान के जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण पहले ही निरस्त कर दिया था, और अब वह चार वर्ष पूर्व विश्वविद्यालय से सीज किए गए दस्तावेजों की छानबीन कर रहा है। ट्रस्ट ने आयकर विभाग में केवल चार वर्षों का आयकर रिटर्न दाखिल किया था, जिसमें भी आय और जमा राशियों के बीच भारी अंतर पाया गया है। इस पर आयकर विभाग ने सवाल उठाते हुए नोटिस जारी किया है।
आयकर विभाग ने ट्रस्ट को वर्ष 2015 से 2020 तक हुई आय और व्यय का ब्योरा मांगा है। इसके अलावा, विभाग ने 11 संदिग्ध फर्मों से ट्रस्ट को दान के नाम पर दी गई करोड़ों की धनराशि का लेखाजोखा भी मांगा है। बताया जा रहा है कि जिन फर्मों का ब्योरा मांगा गया है, उनमें से अधिकांश बोगस हैं, जिससे ट्रस्ट के लिए उनका ब्योरा उपलब्ध कराना कठिन हो सकता है। यह स्थिति आजम खान के लिए और भी चिंताजनक हो सकती है, क्योंकि ट्रस्ट ने जौहर विश्वविद्यालय पर खर्च की गई अरबों की धनराशि का लेखाजोखा तैयार नहीं किया है। इस प्रकार की अनियमितताओं के चलते आजम खान को आयकर विभाग के शिकंजे में फंसने का खतरा बढ़ गया है।


















