Sawan Amavasya on August 12: 11 या 12 अगस्त कब है सावन अमावस्या, जानिए तिथि और शुभ मुहूर्त

सावन अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह भगवान शिव की आराधना, पितरों के तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी होती है। सावन का महीना भग
सावन अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह भगवान शिव की आराधना, पितरों के तर्पण और दान-पुण्य के लिए विशेष फलदायी होती है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए इस महीने पड़ने वाली अमावस्या का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन विधि-विधान से शिव पूजन, पितृ तर्पण और जरूरतमंदों को दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इसे हरियाली अमावस्या भी कहते हैं, जिसमें पेड़-पौधे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण अमावस्या तिथि 12 अगस्त को 01:53 ए.एम. से शुरू होगी और यह रात 11:07 बजे तक मान्य रहेगी। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से 5:06 बजे तक रहेगा, जो स्नान-दान के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए चार अलग-अलग मुहूर्त होंगे।
चर मुहूर्त सुबह 5:38 बजे से 7:20 बजे तक, लाभ मुहूर्त सुबह 7:20 बजे से 9:03 बजे तक, अमृत मुहूर्त सुबह 9:03 बजे से 10:45 बजे तक, और शुभ मुहूर्त दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। सावन अमावस्या को पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदी में स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से शिव कृपा प्राप्त होती है। अन्न, वस्त्र, तिल, छाता और दक्षिणा का दान करने का विशेष महत्व है। ऐसा करने से पितृ दोष कम होने और परिवार में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।

















