Ekadashi Paran Rules: एकादशी पारण के दिन दूसरा व्रत पड़े तो कैसे खोले व्रत? ये हैं आसान नियम

सावन के पवित्र महीने में व्रत और त्योहारों का अद्भुत संयोग बन रहा है। आज कामिका एकादशी का पारण व्रत खोलने का समय है। सामान्य नियमों के अनुसार एकादशी व्रत का पार
सावन के पवित्र महीने में व्रत और त्योहारों का अद्भुत संयोग बन रहा है। आज कामिका एकादशी का पारण व्रत खोलने का समय है। सामान्य नियमों के अनुसार एकादशी व्रत का पारण अन्न खाकर किया जाता है, लेकिन आज सावन का दूसरा सोमवार भी है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं के सामने यह धर्मसंकट खड़ा हो गया है कि वे एकादशी का व्रत कैसे खोलें ताकि उनका सावन सोमवार का व्रत भी खंडित न हो और दोनों व्रतों का पूरा पुण्य फल मिल सके। आइए जानते हैं, कि बिना अन्न ग्रहण किए भी एकादशी का पारण कैसे किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत का समापन द्वादशी तिथि में किया जाता है। सूर्योदय के बाद और हरि वासर समाप्त होने के बाद उचित समय में पारण करना शुभ माना जाता है। हरि वासर को भगवान विष्णु से जुड़ा विशेष समय माना गया है। यदि एकादशी पारण के दिन सावन सोमवार का व्रत भी रखा गया है, तो ऐसी स्थिति में अन्न ग्रहण करना जरूरी नहीं माना जाता। भक्त अपनी श्रद्धा और व्रत की परंपरा के अनुसार तुलसी दल, गंगाजल, चरणामृत या फलाहार ग्रहण करके एकादशी व्रत का पारण कर सकते हैं। फलाहार में दूध, फल जैसी सात्विक चीजें ली जा सकती हैं। इस तरह एकादशी व्रत का पारण भी हो जाता है और सावन सोमवार का व्रत भी जारी रखा जा सकता है।



















