Red Food Colour: क्या भारत में लाल फूड कलर बैन है? एक्सपर्ट से जानें सच

सोशल मीडिया पर लाल फूड कलर (red food colour) को लेकर कई दावे वायरल हो रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र में अस्वच्छता और नियमों के उल्लंघन के चलते खाद्य कारोबारियो
सोशल मीडिया पर लाल फूड कलर (Red Food Colour) को लेकर कई दावे वायरल हो रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र में अस्वच्छता और नियमों के उल्लंघन के चलते खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस बीच, कुछ पोस्ट और वीडियो में कहा जा रहा है कि कई दुकानदारों ने चिकन लॉलीपॉप और अन्य डिशों में लाल रंग डालना बंद कर दिया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या भारत में लाल फूड कलर का उपयोग गैरकानूनी है? इस संदर्भ में एक ट्वीट भी सामने आया है।
पहले यह स्पष्ट कर दें कि हर लाल फूड कलर प्रतिबंधित नहीं है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कुछ फूड कलर को निर्धारित मात्रा में खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। लाल रंग के लिए उपयोग होने वाले कुछ सिंथेटिक फूड कलर में पॉन्सो 4R (Ponceau), कार्मोइसिन (Carmoisine) और एरिथ्रोसिन (Erythrosine) शामिल हैं। हालांकि, इनका उपयोग हर प्रकार के खाने में बिना किसी नियम के नहीं किया जा सकता।
लाल फूड कलर या रेड डाई (Red Dye) का उपयोग खाद्य पदार्थों को लाल रंग देने के लिए किया जाता है। यह रंग सिंथेटिक और प्राकृतिक दोनों स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पूर्व राष्ट्रपति भवन के शेफ मोंटू सैनी ने बताया कि फूड इंडस्ट्री और रेस्टोरेंट में इनका उपयोग भोजन को आकर्षक बनाने, रंग को समान बनाए रखने और पकाने के दौरान रंग की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है।
FSSAI के नियमों के अनुसार, कुछ सिंथेटिक फूड कलर का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन यह केवल निर्धारित खाद्य पदार्थों में और तय मात्रा में ही किया जा सकता है। इसलिए, यह कहना कि लाल रंग पूरी तरह से बैन है या किसी भी लाल रंग का उपयोग किया जा सकता है, दोनों ही बातें गलत हैं। दूसरी ओर, अनधिकृत या औद्योगिक डाई का उपयोग खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।



















