Maharashtra bans non-dairy paneer: महाराष्ट्र ने नॉन-डेयरी पनीर पर एक साल का प्रतिबंध लगाया

अगर आप पनीर खाने के शौकीन हैं, तो यह जानना जरूरी है कि बाजार में एक ऐसा पनीर आ रहा है जो दिखने में असली लगता है, लेकिन इसे दूध से नहीं बनाया जाता। इसमें अक्सर व
अगर आप पनीर खाने के शौकीन हैं, तो यह जानना जरूरी है कि बाजार में एक ऐसा पनीर आ रहा है जो दिखने में असली लगता है, लेकिन इसे दूध से नहीं बनाया जाता। इसमें अक्सर वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च और अन्य एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के चलते नॉन-डेयरी पनीर के निर्माण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाते हुए कहा है कि यह कदम स्वास्थ्य के लिहाज से सकारात्मक हो सकता है। मुंबई के ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल की चीफ डाइटिशियन जमुर्रुद पटेल के अनुसार, एनालॉग पनीर में ताजे दूध के स्थान पर कम गुणवत्ता वाले विकल्पों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसकी पोषण गुणवत्ता कम होती है।
पटेल के अनुसार, यदि इसे साफ-सफाई के मानकों के बिना तैयार किया गया, तो इससे पाचन संबंधी समस्याएं और स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ताजा पनीर दूध से बनाया जाने वाला एक पौष्टिक डेयरी उत्पाद है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं।
किम्स हॉस्पिटल, ठाणे की चीफ डाइटिशियन डीटी अमरीन शेख ने भी इस विषय पर अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि असली पनीर दूध में नींबू का रस या सिरका मिलाकर तैयार किया जाता है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं। इसके विपरीत, पौधों से बने विकल्पों में प्रोटीन की मात्रा कम हो सकती है।


















