Monsoon Alert: बारिश में कॉटन बड्स डालना कान के लिए खतरनाक! बढ़ सकता है कान में इन्फेक्शन!

बरसात का मौसम न केवल सुहावना होता है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म देता है। इस मौसम में बढ़ी हुई नमी बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए अनुक
बरसात का मौसम न केवल सुहावना होता है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म देता है। इस मौसम में बढ़ी हुई नमी बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। इसके परिणामस्वरूप, संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पानी या उसमें मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और फंगस नाक, कान या आंखों के संपर्क में आने पर शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इससे ईएनटी (ENT) से जुड़ी समस्याएं जैसे कान का संक्रमण, साइनस संक्रमण और गले में तकलीफ होने का खतरा बढ़ जाता है। बरसात के इस मौसम में लोग अक्सर कान को खुजलाते या सहलाते हुए दिखते हैं। कई बार, कान की खुजली से परेशान होकर लोग कान में कॉटन बड्स का उपयोग कर लेते हैं। यह जानना जरूरी है कि कान में कॉटन बड्स डालना और हर समय ईयरबड्स लगाना एक खराब आदत है, जो बरसात के दिनों में आपकी परेशानी को और बढ़ा सकती है।
डॉक्टर रवि के अनुसार, बरसात के मौसम में वातावरण में नमी (Humidity) काफी बढ़ जाती है। यदि कान के अंदर मॉइश्चर चला जाए तो फंगस पनपने की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि इस मौसम में कान में फंगल इंफेक्शन के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। फंगल संक्रमण के कारण कान में दर्द, खुजली और डिस्चार्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर ने बताया कि बारिश का पानी संक्रमण का कारण बन सकता है। यदि बारिश का पानी या किसी अन्य कारण से कान के अंदर पानी चला जाता है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नमी फंगस के बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है, जिससे कान में इंफेक्शन हो सकता है। बरसात के दौरान सबसे अधिक फंगल इंफेक्शन (Fungal Ear Infection) देखने को मिलते हैं।



















