Curiosity in New Tehri: सावन में खिला लाल बुरांश, विशेषज्ञों ने बताया जलवायु परिवर्तन का संकेत

नई टिहरी के कद्दूखाल क्षेत्र में सावन के महीने में बुरांश के खिलने की घटना ने लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है। आमतौर पर बुरांश का फूल वसंत ऋतु में खिलता है,
नई टिहरी के कद्दूखाल क्षेत्र में सावन के महीने में बुरांश के खिलने की घटना ने लोगों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है। आमतौर पर बुरांश का फूल वसंत ऋतु में खिलता है, लेकिन इस बार जुलाई-अगस्त में इसके खिलने ने विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वानिकी महाविद्यालय, रानीचौरी के प्रोफेसर डॉ. अरविंद बिजल्वाण के अनुसार, यह घटना स्थानीय मौसम, तापमान और अन्य प्राकृतिक कारणों का परिणाम हो सकती है। बुरांश, जिसे वैज्ञानिक रूप से रोडोडेंड्रोन अरबोरियम कहा जाता है, का सामान्य पुष्पकाल फरवरी से अप्रैल तक होता है। इस समय बुरांश के खिलने का यह असामान्य समय पर्यावरणीय बदलावों का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बुरांश के असामान्य खिलने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। इनमें पर्यावरणीय तनाव, असामान्य तापमान, अनियमित वर्षा, मिट्टी की नमी में परिवर्तन, दिन की लंबाई और प्रकाश संकेतों में बदलाव शामिल हैं। यह भी देखा गया है कि जब पौधों पर पर्यावरणीय तनाव पड़ता है, तो वे पुनः वृद्धि करते हैं और सुप्त पुष्प कलियां सक्रिय हो जाती हैं। इसके अलावा, पौधों के हार्मोनों में परिवर्तन भी असमय पुष्पन का कारण बन सकता है। यह घटना सामान्य नहीं मानी जाती, लेकिन यदि यह लगातार होती है, तो यह जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है।


















