Weather anomalies in July: दिल्ली में जुलाई का बुरा हाल, 2 साल में सबसे ज्यादा तपी दिल्ली

दिल्ली में जुलाई का महीना मौसम के अनोखे विरोधाभासों से भरा रहा। इस दौरान मानसून की सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई, फिर भी पिछले सात वर्षों में यह सबसे प्रदूषि
दिल्ली में जुलाई का महीना मौसम के अनोखे विरोधाभासों से भरा रहा। इस दौरान मानसून की सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई, फिर भी पिछले सात वर्षों में यह सबसे प्रदूषित जुलाई साबित हुआ। ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) के अनुसार माह के पहले 30 दिनों में औसत एक्यूआइ 119 दर्ज किया गया, जो 2019 के बाद से इस अवधि का उच्चतम स्तर है। हालांकि इसी महीने नौ वर्षों में पहली बार एक दिन एक्यूआइ गिरकर 48 (अच्छी श्रेणी) पर भी पहुंचा, जो 2017 के बाद का सबसे निचला स्तर है। दूसरी ओर, एक दिन यह 261 तक बढ़कर पिछले पांच सालों का उच्चतम स्तर भी छू गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मानसून में 10 से 11 दिनों का लंबा विराम आया। कम दिनों की वर्षा के बावजूद, कुछ ही दिनों में हुई मूसलाधार वर्षा के कारण कुल वर्षा का आंकड़ा सामान्य से ऊपर निकल गया। सामान्य 201.9 मिमी के मुकाबले 254.7 मिमी (26 प्रतिशत अधिक) वर्षा दर्ज की गई। लंबे मानसूनी ब्रेक और तेज धूप के कारण तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह पिछले दो वर्षों का सबसे गर्म जुलाई का महीना रहा। औसत अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुल मिलाकर जुलाई ने दिल्लीवासियों को वर्षा की बौछारों के साथ-साथ उमस भरी गर्मी और बदलते प्रदूषण का मिलाजुला अनुभव कराया।



















