Plastic Waste Found in Rajaji Tiger Reserve: राजाजी टाइगर रिजर्व के 46800 मीटर क्षेत्र में मिला प्लास्टिक कचरा, वन्यजीवके लिए बढ़ा खतरा

सुमन सेमवाल, देहरादून। उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीरता को उजागर किया गया है। भारतीय वन्यजीव सं
सुमन सेमवाल, देहरादून। उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीरता को उजागर किया गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया है कि संरक्षित वन क्षेत्र भी प्लास्टिक कचरे से प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति न केवल वन्यजीवों के लिए, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बनती जा रही है। अध्ययन के अनुसार, पर्यटकों और मानव गतिविधियों के कारण रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा जमा हो रहा है। यदि बाघों की खाद्य श्रृंखला में प्लास्टिक कचरा शामिल होता है, तो इससे जंगल का संतुलन बिगड़ सकता है।
विज्ञानियों ने राजाजी टाइगर रिजर्व के विभिन्न रेंजों में मानव गतिविधियों वाले क्षेत्रों की पहचान कर 17 लाइन ट्रांसेक्ट बनाए और इन ट्रांसेक्टों के माध्यम से व्यवस्थित सर्वेक्षण किया। अध्ययन के दौरान, देहरादून जू में भी चार लाइन ट्रांसेक्ट बनाए गए। सर्वेक्षण के दौरान राजाजी टाइगर रिजर्व के पर्यटक मार्गों पर 46,800 मीटर क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण में कचरे के विभिन्न प्रकारों का वर्गीकरण किया गया। कुल मिलाकर, 2,126 प्लास्टिक वस्तुएं, 92 धातु, 58 कांच, 389 प्रोसेस्ड लकड़ी, 25 रबर और 60 अन्य प्रकार का कचरा दर्ज किया गया।



















