Pending Applications in Kolkata Municipal Corporation: कोलकाता नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के 25 हजार आवेदन लंबित

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में पिछले दो महीनों के दौरान जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के लगभग 25 हजार आवेदन लंबित हो गए हैं। यह स्थिति तब उत
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में पिछले दो महीनों के दौरान जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के लगभग 25 हजार आवेदन लंबित हो गए हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब बंगाल में मई में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने विलंबित पंजीकरण और पुराने प्रमाणपत्रों को डिजिटाइज्ड प्रमाणपत्रों में बदलने की प्रक्रिया को अस्थाई रूप से रोक दिया। इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ा है जो पासपोर्ट नवीनीकरण, बच्चों के स्कूल में प्रवेश और बोर्ड पंजीकरण कराने के लिए इन प्रमाणपत्रों की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। ऐसे में, लोग बार-बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब पूरे कोलकाता में विलंबित पंजीकरण और डिजिटाइज्ड प्रमाणपत्र से जुड़े सभी मामलों की स्वीकृति केवल एक ही अधिकारी देंगे, जिससे प्रक्रिया और धीमी होने की आशंका बढ़ गई है।
पहले, 21 दिन से अधिक की देरी से किए गए पंजीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर अनुमति मिलती थी। एक वर्ष तक की देरी वाले मामलों को संबंधित बोरो के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, एक से दो वर्ष की देरी वाले मामलों को मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी और दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद मंजूरी दी जाती थी। लेकिन अब, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश सरकारी संस्थान केवल डिजिटली सत्यापित जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र ही स्वीकार कर रहे हैं। पहले, हस्तलिखित या कंप्यूटर से छपे प्रमाणपत्र पासपोर्ट नवीनीकरण और बोर्ड पंजीकरण के लिए मान्य थे, लेकिन अब डिजिटाइज्ड प्रमाणपत्र अनिवार्य होने से आवेदनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके अलावा, नाम या वर्तनी की त्रुटियों को ठीक कराने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं।



















