Children's Aadhaar Card: बच्चों के आधार कार्ड को लेकर न करें लापरवाही, अपडेट नहीं कराया तो होना पड़ सकता है परेशान

आगरा से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के आधार कार्ड को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अक्सर, एक बार आधार कार्ड बनवाने के बाद, अभिभा
आगरा से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के आधार कार्ड को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अक्सर, एक बार आधार कार्ड बनवाने के बाद, अभिभावक यह सोच लेते हैं कि अब किसी प्रकार की और प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। लेकिन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नियमों के अनुसार, बच्चों को पांच वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर आधार में अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट कराना आवश्यक है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो आधार संख्या निष्क्रिय हो सकती है। इसका असर स्कूल में प्रवेश, प्रवेश परीक्षाओं के पंजीकरण, छात्रवृत्ति, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), बैंकिंग सेवाओं और अन्य आधार आधारित सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। इसलिए, अभिभावकों को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।
यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ द्वारा प्रदेशभर में बच्चों के आधार में बायोमीट्रिक अपडेट को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उन बच्चों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने निर्धारित आयु पूरी होने के बाद भी आधार में फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटो का अनिवार्य अपडेट नहीं कराया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के बायोमीट्रिक में उम्र के साथ बदलाव होता है, और यदि समय पर अपडेट नहीं किया गया, तो भविष्य में पहचान सत्यापन में कठिनाई हो सकती है। नियमों के अनुसार, पहला अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट पांच से सात वर्ष की आयु के बीच और दूसरा 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच कराया जाना चाहिए। यह प्रक्रिया पूरी तरह निश्शुल्क है, जिससे अभिभावकों को कोई आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।



















