Solid Waste Management in Higher Education: उच्च शिक्षण संस्थानों में ठोस कचरा प्रबंधन की पढ़ाई अनिवार्य

मेरठ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित नए
मेरठ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में कदम बढ़ाना है। यूजीसी ने स्नातक स्तर पर ठोस एवं खतरनाक कचरा, मृदा प्रदूषण, और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए निर्देशित किया है। इसके तहत, विद्यार्थियों को सीवेज शोधन, कचरा पृथक्करण, खाद निर्माण और पुनर्चक्रण जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह कदम छात्रों को ठोस कचरा प्रबंधन के महत्व को समझने में मदद करेगा और उन्हें इस दिशा में आवश्यक कौशल प्रदान करेगा।
यूजीसी ने संस्थानों को बल्क कचरा उत्पादक के रूप में पंजीकरण कराने, जन-जागरूकता अभियान चलाने, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, चक्रीय अर्थव्यवस्था की अवधारणा को अपनाने और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी सचिव प्रो. श्यामा रथ के अनुसार, यह कदम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का पालन सुनिश्चित करना होगा। इस दिशा में उठाए गए कदमों से न केवल छात्रों को ठोस कचरा प्रबंधन की बुनियादी समझ मिलेगी, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान होगा।



















