AI Model for Cancer Detection: लखनऊ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का कमाल, गले के कैंसर की पहचान के लिए बनाया अत्याधुनिक AI मॉडल

लखनऊ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण शोध कार्य किया गया है, जिसमें गले के कैंसर की पहचान और वर्गीकरण
लखनऊ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण शोध कार्य किया गया है, जिसमें गले के कैंसर की पहचान और वर्गीकरण के लिए एक अत्याधुनिक एआइ मॉडल विकसित किया गया है। इस मॉडल का नाम 'मेडिकल लार्ज कर्नल-स्माल कर्नल नेट' रखा गया है। इस शोध में रिसर्च स्कालर मो. उस्मान, प्रज्ञनिक्स लैब्स के सिद्धार्थ चौरसिया और मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर की डॉ. गिनिका महाजन ने भी योगदान दिया है। इस एआइ मॉडल को विकसित करने के लिए 1320 मरीजों की इमेज का अध्ययन किया गया है, जिससे कैंसर की पहचान में मदद मिलेगी। यह शोध पत्र नेचर पोर्टफोलियो के 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' में प्रकाशित हुआ है, जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रोफेसर पुनीत मिश्रा ने बताया कि लारेंजियल स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा, फेफड़ों के कैंसर के बाद, सांस नली से जुड़ा दूसरा सबसे आम और जानलेवा कैंसर है। यह बीमारी तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट और गुटखा के अत्यधिक सेवन के कारण तेजी से बढ़ रही है, विशेषकर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में। प्रारंभिक अवस्था में कैंसर के सूक्ष्म लक्षणों की पहचान करना बेहद जटिल और समय लेने वाला होता है, जिससे मरीजों का इलाज में देरी हो जाती है। समय पर सही पहचान न होने के कारण मरीजों की जान को खतरा बढ़ जाता है। इस एआइ मॉडल की मदद से कैंसर के मुख्य और सूक्ष्म रक्त वाहिका पैटर्न को अत्यधिक सटीकता के साथ वर्गीकृत किया जा सकता है।



















