Tea Cultivation in Ranchi: चाय की खेती के लिए क्या-क्या चाहिए, एक्सपर्ट का बयान

रांची। बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ हार्टिकल्चर के प्रमुख डॉ. संयत मिश्रा ने चाय की खेती के लिए आवश्यक मौसम की विशेषताओं पर प्रकाश डाला है। उन
रांची। बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ हार्टिकल्चर के प्रमुख डॉ. संयत मिश्रा ने चाय की खेती के लिए आवश्यक मौसम की विशेषताओं पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि चाय की खेती के लिए गर्म और आर्द्र मौसम सबसे उपयुक्त होता है, जिसमें तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। इसके अलावा, 150 से 250 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा और मानसून का समय, जो कि जून से सितंबर तक होता है, चाय की खेती के लिए आदर्श माना जाता है। पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए यह तापमान और वर्षा की मात्रा आवश्यक है। पानी का जमाव चाय के पौधों के लिए हानिकारक होता है, इसलिए ढलान वाली भूमि का होना आवश्यक है। उच्च आर्द्रता और सुबह का कोहरा चाय की पत्तियों के विकास में सहायक होते हैं।
डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि जून से सितंबर के बीच मिट्टी में पर्याप्त नमी होती है, जिससे चाय के नए पौधों या कटिंग को लगाने का यह सबसे सही समय होता है। नियमित वर्षा से मिट्टी और वातावरण में नमी बनी रहती है, जो चाय की खेती के लिए अनुकूल होती है। उन्होंने बताया कि रांची और आसपास के जिलों में पहले चाय की खेती अच्छी होती थी, लेकिन अब मौसम और वातावरण में बदलाव के कारण किसान इस फसल से मुंह मोड़ने लगे हैं। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने कहा कि 30 से 35 वर्ष पहले रांची का मौसम सुहाना रहता था और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं बढ़ता था। उस समय यहां की हरियाली और नमी के कारण प्रतिदिन थोड़ी बहुत वर्षा होती थी।



















