Solar Telescope Reveals Sun's Secrets: सूरज की सतह की अद्भुत तस्वीरें, वैज्ञानिकों ने खोजा नया रहस्य

दुनिया के सबसे शक्तिशाली सोलर टेलीस्कोप, डैनियल के. इनोये सोलर टेलीस्कोप ने सूरज की सतह की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। यह महत्वपूर्
दुनिया के सबसे शक्तिशाली सोलर टेलीस्कोप, डैनियल के. इनोये सोलर टेलीस्कोप ने सूरज की सतह की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। यह महत्वपूर्ण शोध 5 अगस्त को जर्नल नेचर में प्रकाशित हुआ। वैज्ञानिकों ने हवाई के माउई द्वीप पर स्थित इस टेलीस्कोप की मदद से सूरज के एक सनस्पॉट के निकट के क्षेत्र का बहुत करीब से अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें सूरज की सतह पर छोटे-छोटे घूमते हुए चुंबकीय भंवर दिखाई दिए, जो सौर तूफानों के निर्माण और सूरज की बाहरी परत कोरोना की उच्च तापमान का रहस्य समझने में मददगार साबित हो सकते हैं। सूरज को दूर से शांत दिखने के बावजूद, उसकी सतह पर हर समय हलचल होती रहती है। वहाँ गर्म प्लाज्मा निरंतर इधर-उधर बहता रहता है और चुंबकीय क्षेत्र भी बदलते रहते हैं। नई तस्वीरों और कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से वैज्ञानिक पहली बार इन छोटे-छोटे भंवरों को स्पष्ट रूप से देख पाए हैं। उनका मानना है कि ये भंवर सूरज में चुंबकीय ऊर्जा के निर्माण और उसके फैलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों ने जिस प्रक्रिया का अवलोकन किया है, उसे केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ अस्थिरता (Kelvin-Helmholtz Instability या KHI) कहा जाता है। यह तब उत्पन्न होती है जब प्लाज्मा या गैस की दो धाराएं अलग-अलग गति से एक-दूसरे के पास से गुजरती हैं, जिससे छोटे-छोटे घूमते हुए भंवर बनते हैं। इस प्रकार की प्रक्रिया पहले बादलों, समुद्र की लहरों और जूपिटर जैसे ग्रहों के वातावरण में देखी जा चुकी है, लेकिन सूरज पर इसे पहली बार इतनी स्पष्ट तस्वीरों में देखा गया है।
शोध के प्रमुख लेखक और नेशनल सोलर ऑब्जर्वेटरी के वैज्ञानिक डॉ. डेविड कुरिड्जे के अनुसार, ये छोटे भंवर सूरज के चुंबकीय क्षेत्रों को मोड़ते और उलझाते हैं, जिससे मेग्नेटिक एनर्जी जमा होती रहती है। बाद में यही ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है और सोलर फ्लेयर और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) जैसी घटनाओं का कारण बनती है। यदि ये घटनाएँ पृथ्वी की दिशा में आती हैं, तो सैटेलाइट, जीपीएस, रेडियो नेटवर्क और बिजली ग्रिड पर प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिक लंबे समय से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सूरज की बाहरी परत कोरोना, उसकी सतह से ज्यादा गर्म क्यों है। इस नए अध्ययन के अनुसार, ये छोटे भंवर बड़ी प्लाज्मा धाराओं को छोटे हिस्सों में बांट देते हैं, जिससे ऊर्जा छोटे स्तर तक पहुंचती है और गर्मी के रूप में बाहर निकलती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना के अधिक गर्म होने का एक बड़ा कारण यही हो सकता है।



















