RSS Chief Mohan Bhagwat's Political Agenda: जेन-ज़ी के लिए नहीं, संघ की राजनैतिक हेजेमनी बचाने आए हैं मोहन भागवत!
3 मई को neet-ug परीक्षा देने के बाद अहमदाबाद के कहान पटेल ने अपने पिता को फोन करके कहा कि पापा, मैं बहुत खुश हूँ। वह तनावमुक्त महसूस कर रहा था और अपने दोस्तों क
3 मई को NEET-UG परीक्षा देने के बाद अहमदाबाद के कहान पटेल ने अपने पिता को फोन करके कहा कि पापा, मैं बहुत खुश हूँ। वह तनावमुक्त महसूस कर रहा था और अपने दोस्तों के साथ डिनर के लिए जाने की योजना बना रहा था। कहान पटेल खुश था क्योंकि उसे लगा कि उसने नीट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन उसकी यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकी। उसे पता चला कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है और अब परीक्षा दोबारा करवाई जाएगी। यह जानकर वह टूट गया और उसने अपने पिता से कहा, 'मेरी क्या गलती है पापा?' दोबारा परीक्षा की तारीख से तीन दिन पहले, 18 जून को, 17 वर्षीय कहान ने छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। कहान पटेल उन 21 छात्रों में शामिल है जिन्होंने NEET-2026 के पेपर लीक के बाद निराश होकर आत्महत्या की है। ये आत्महत्याएँ नरेंद्र मोदी सरकार की गंभीर विफलताओं का परिणाम हैं। मोदी सरकार, जो अपने खोखले राष्ट्रवाद के नैरेटिव को गले में टांगकर चल रही है, इतनी अक्षम और भ्रष्ट है कि यदि इसे नरेंद्र मोदी सरकार की जगह 'पेपरलीक सरकार' नाम दे दिया जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
शिक्षा पर खर्च बढ़ा है। कांग्रेस द्वारा तैयार किए गए एक अनुमान के अनुसार, भारतीय परिवार हर साल अपने बच्चों को NEET समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए 1 लाख 23 हजार करोड़ रुपये खर्च करते हैं। यह राशि देश के 1 लाख 32 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक राष्ट्रीय शिक्षा बजट के लगभग बराबर है। भारतीय परिवार शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले में मोदी सरकार की नाक के नीचे प्रतियोगी पेपर लीक हो रहे हैं, और इसके कारण उनके बच्चे छतों से कूदकर, फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहे हैं। इस अनुमान के मुताबिक, मोदी जब से सत्ता में आए हैं, तब से अब तक 152 बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।



















