Moringa: मोरिंगा के पत्तों और बीजों के अद्भुत फायदे

आयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस में मोरिंगा, जिसे सहजन भी कहा जाता है, को पोषक तत्वों का पावरहाउस माना जाता है। इसमें विटामिन-c, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सी
आयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस में मोरिंगा, जिसे सहजन भी कहा जाता है, को पोषक तत्वों का पावरहाउस माना जाता है। इसमें विटामिन-C, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। मोरिंगा की पत्तियां, फलियां और बीज इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ ब्लड शुगर और पाचन को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होते हैं। इस पौधे का हर हिस्सा उपयोगी है, जिससे इसे पारंपरिक रूप से मिरेकल ट्री कहा जाता है।
डॉ. सलीम जैदी, जो आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के विशेषज्ञ हैं, के अनुसार मोरिंगा की पत्तियों का सेवन इम्यूनिटी को बढ़ाता है और शरीर को बीमारियों से बचाता है। मोरिंगा की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से विटामिन A, C और E, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व होते हैं। इसके अतिरिक्त, इनमें फाइबर, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे क्वेरसेटिन और क्लोरोजेनिक एसिड भी पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
हालांकि मोरिंगा को चमत्कारी पौधा नहीं माना जाता, लेकिन इसके विभिन्न हिस्सों के उपयोग इसे खास बनाते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि मोरिंगा की पत्तियों में मौजूद पोषक तत्व महिलाओं में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मोरिंगा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, खनिज और बायोएक्टिव यौगिक होते हैं, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।
मोरिंगा की पत्तियां दिल की सेहत को बेहतर रखने में मदद करती हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं। क्लोरोजेनिक एसिड भोजन के बाद ब्लड शुगर के तेजी से बढ़ने को रोकता है। कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि मोरिंगा पाउडर मिलाने से पोस्ट-मील शुगर को नियंत्रित करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद मिलती है।



















